पुटूकछार में रपटा पुल के ऊपर तक बह रहा नदी का पानी : चार दिनों से आवागमन प्रभावित, स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे


पुटूकछार में रपटा पुल के ऊपर बह रहा नदी का पानी
पुटूकछार में खम्हार-पुटूकछार मार्ग पर रपटा पुल के ऊपर नदी का पानी बहने से आवागमन प्रभावित 
 रिपोर्ट: राजू यादव | धरमजयगढ़

धरमजयगढ़। विकासखंड धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत पुटूकछार में खम्हार-पुटूकछार मार्ग पर नदी में बना रपटा पुल के ऊपर से पानी का बहना इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। लगातार  बारिश के कारण पिछले चार दिनों से नदी का पानी रपटा पुल के ऊपर से बह रहा है, जिसके चलते आवागमन  प्रभावित हो गया है। इसका  असर बच्चों की शिक्षा  पर भी पड़ रहा है रपटा पुल के ऊपर से तेज पानी के बहाव के कारण स्कूली बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहीं ग्रामीणों के लिए उस रास्ते पर कही  जाना आना भी प्रभावित हो गया है। 


ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ते ही रपटा पुल पानी में डूब जाता है। वर्तमान में लगातार बारिश से पिछले चार दिनों से पुल के ऊपर पानी बहने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। लगातार बारिश के कारण बढ़े जल स्तर का असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों के स्कूल नहीं पहुंच पाने से उनकी पढ़ाई प्रभावित सकती है ।

नदी भरा देख वापस लौटते हुए स्कूली बच्चे
नदी भरा देख वापस लौटते हुए स्कूली बच्चे 

ग्रामीणों का कहना 

ग्राम पंचायत के उपसरपंच भुनेश्वर यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पिछले वर्ष भी आपदा प्रबंधन अधिकारी सहित संबंधित उच्च अधिकारियों, विधायक तथा मुख्यमंत्री समाधान शिविर तक शिकायत की गई थी। लेकिन अभी तक समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो सका है।


ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दिनों में नदी का जल स्तर बढ़ने पर इस रपटा पुल से पानी ऊपर बहने लगता है जिससे आवागमन में  परेशानी से कई गतिविधियों में ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ता है । यह स्थिति लगभग हर वर्ष बनती है। 

ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही समस्या दोहराती है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही रपटा पुल डूब जाता है और गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन एवं संबंधित विभाग से समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि बरसात के दिनों में आवागमन और शिक्षा जैसी जरूरी गतिविधियां बाधित न हों।