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100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल में प्रीमेच्योर शिशु का सफल उपचार

100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल में प्रीमेच्योर शिशु का सफल उपचार, 850 ग्राम वजन के नवजात को मिला नया जीवन


850 ग्राम वजन के नवजात को मिला नया जीवन, 65 दिनों की सतत चिकित्सा से बढ़ा वजन

रायगढ़, 6 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के कुशल मार्गदर्शन में जिले में सुदृढ़ स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसी क्रम में जिला मुख्यालय स्थित 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल में एक अत्यंत कम वजन वाले प्रीमेच्योर शिशु का सफल उपचार कर चिकित्सा सेवा की एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है।

            विकासखंड घरघोड़ा के ग्राम सामारूमा निवासी श्री प्रमोद सिदार ने अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा के दौरान 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती कराया था। 30 अक्टूबर 2025 को उनकी पत्नी श्रीमती निरमा बाई ने एक प्रीमेच्योर शिशु को जन्म दिया, जिसका वजन मात्र 850 ग्राम था। जन्म के समय शिशु की स्थिति अत्यंत नाजुक थी और तत्काल विशेष चिकित्सा देखरेख की आवश्यकता थी।


एसएनसीयू वार्ड में 65 दिनों तक चला गहन उपचार

नवजात को तत्काल 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया, जहाँ शिशु रोग विशेषज्ञ एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम द्वारा निरंतर निगरानी में उपचार किया गया। शिशु को 65 दिनों तक गहन चिकित्सा कक्ष में रखकर विशेष देखभाल प्रदान की गई। निरंतर उपचार, आधुनिक चिकित्सकीय संसाधनों और विशेषज्ञों की सतत निगरानी के परिणाम स्वरूप शिशु के वजन में क्रमशः वृद्धि हुई और वह पूर्णतः स्वस्थ हो गया। आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षणों के बाद शिशु को सुरक्षित रूप से उसके माता-पिता को सुपुर्द किया गया। इस सफल उपचार में सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक अग्रवाल, डॉ. मिंज, डॉ. दास, डॉ. नवीन सहित नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। चिकित्सकीय टीम की संवेदनशीलता, धैर्य और समर्पण से यह सफलता संभव हो सकी।

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Avagat News Desk