किसानों का कहना है कि धान खरीदी की अवधि तेजी से समाप्त हो रही है, लेकिन अब तक ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन नहीं कटने के कारण वे कठिन स्थिति में हैं। कई किसानों की फसल मंडी तक पहुंचने को तैयार है, पर टोकन के अभाव में खरीदी नहीं हो पा रही, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मौसम और भंडारण की समस्या भी किसानों की चिंता बढ़ा रही है।
धरना स्थल पर मौजूद पूर्व विधायक हृदय राम राठिया ने कहा कि धान खरीदी की वर्तमान प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत किसानों को समय पर टोकन जारी किया जाना आवश्यक है, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके और किसानों को राहत मिल सके। कांग्रेस कार्यकर्ता ठण्डा राम बेहरा ने किसानों को धान बेचने में आने वाली समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था की कमियों का असर सीधे किसानों पर पड़ रहा है। किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग रखा कि
सभी किसानों के टोकन जारी किए जाएं,
धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई जाए,
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। किसानो ने भी एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों को लेकर लिखित एवं ठोस निर्णय की मांग रखी।
कुल मिलाकर, लैलूंगा में हुआ यह धरना-प्रदर्शन धान खरीदी व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करता नजर आया, जिससे संबंधित अधिकारियों से किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।



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