लैलूंगा पुलिस ने सड़क सुरक्षा माह व महिला सुरक्षा अभियान के तहत नारायणपुर में किया पुलिस जन चौपाल का आयोजन

नारायणपुर में लैलूंगा पुलिस द्वारा जन चौपाल का आयोजन

  रायगढ़देशभर में सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है, वहीं जिले सड़क सुरक्षा माह के साथ 11 दिवसीय महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान भी संचालित है। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन में जागरूकता अभियान के तहत आज थाना लैलूंगा के ग्राम नारायणपुर में पुलिस जन चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक श्री गिरधारी साव के नेतृत्व में आयोजित हुआ।

          जन चौपाल के दौरान थाना प्रभारी द्वारा महिलाओं को महिला सुरक्षा से संबंधित अधिकारों, शासन द्वारा उपलब्ध विधिक सहायता तथा महिला एवं नाबालिगों से जुड़े अपराधों पर नए कानूनों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान कानूनों के तहत महिलाओं एवं नाबालिगों से जुड़े अपराधों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय तथा दोषियों को कठोर सजा का प्रावधान है। साथ ही महिला संबंधी अपराधों में निःशुल्क विधिक सहायता एवं पीड़ित क्षतिपूर्ति राशि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

            कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली आकस्मिक मौतें न केवल व्यक्ति बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति होती हैं। इससे बचाव के लिए यातायात नियमों का पालन आवश्यक है। उन्होंने बिना लाइसेंस वाहन न चलाने, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के साथ वाहन में न बैठने तथा ओवर स्पीडिंग से बचने की अपील की।

           थाना प्रभारी ने बताया कि लैलूंगा क्षेत्र के कई गांवों में महिलाओं की सक्रिय भूमिका से शराब बंदी संभव हुई है, जिससे घरेलू विवाद, झगड़ा एवं मारपीट की घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने महिलाओं से नशा मुक्ति अभियान में आगे आने का आह्वान किया।

            इस अवसर पर मानव तस्करी को सामाजिक कुरीति बताते हुए उन्होंने ग्रामीणों को अधिक पैसे के प्रलोभन एवं बहकावे में आकर अन्य राज्यों में नौकरी के लिए न जाने की समझाइश दी। उन्होंने पूर्व के मामलों का उदाहरण देते हुए मानव तस्करी से सतर्क रहने को कहा। साथ ही गौवंश तस्करी एवं अवैध धान परिवहन पर पुलिस की कड़ी निगरानी की जानकारी देते हुए ऐसी गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ नहीं किया जाएगा समझौता- कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी



• कलेक्टर ने नगर निगम रायगढ़ के प्रमुख निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, नालंदा परिसर का सिविल वर्क 30 जून तक पूरा करने के सख्त निर्देश

• कलेक्टर ने निर्माणाधीन नालंदा परिसर, नवीन मरीन ड्राइव, कया घाट पुल एवं ऑक्सीजोन के प्रगति का लिया जायजा



रायगढ़। नगर निगम रायगढ़ अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने निर्माणधीन कार्यों एवं स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर एवं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय उपस्थित रहे।

           कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सबसे पहले नगर निगम रायगढ़ अंतर्गत निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने नगर निगम की तकनीकी टीम एवं निर्माण एजेंसी से कार्य की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन नालंदा परिसर का सिविल वर्क 30 जून तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी को कार्य के प्रति पूर्ण गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने नवीन मरीन ड्राइव एवं कया घाट पर प्रस्तावित पुल निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुल की चौड़ाई बढ़ाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नगर निगम आयुक्त श्री क्षत्रिय ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार रिवाइज्ड डिजाइन के साथ पुल निर्माण कार्य किया जाएगा। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने एफसीआई गोदाम कबीर चौक के समीप बन रहे ऑक्सीजोन का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य जनसामान्य की सुविधा और शहर के समग्र विकास से जुड़े हैं, इनकी समयबद्ध पूर्णता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियरिंग स्टाफ तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

श्री रामलला दर्शन योजना से श्रद्धालुओं के सपने हो रहे साकार, 102 श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए रवाना



धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा दे रही श्रीरामलला दर्शन योजना


रायगढ़ / श्री रामलला दर्शन योजना से जिले के श्रद्धालुओं के सपने साकार हो रहे है। योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में भगवान श्री रामलला का दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसी क्रम में आज योजना के तहत रायगढ़ जिले से 102 श्रद्धालुओं का 12 वां जत्था बिलासपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुआ। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र से 78 एवं नगरीय क्षेत्र से 24 श्रद्धालु शामिल है। श्रद्धालु को रायगढ़ जिला मुख्यालय से बस के माध्यम से बिलासपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया, जहां से वे विशेष ट्रेन द्वारा अयोध्या धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। इस योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन के साथ वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के दर्शन और गंगा आरती का सौभाग्य प्राप्त होगा। श्री रामलला दर्शन योजना का लाभ उठाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था शासन द्वारा सुनिश्चित की गई है। 

           रायगढ़ से रवाना होने के दौरान श्रद्धालुओं में तीर्थ यात्रा को लेकर विशेष उत्साह एवं आस्था का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस योजना से उनकी वर्षों से संजोया श्री रामलला दर्शन का सपना अब साकार होने जा रहा है। श्रद्धालुओं ने भावुकता के साथ कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने हमें जीवन का अमूल्य अवसर दिया है, जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। बचपन से रामायण में रामजन्मभूमि की कहानी सुनते आए थे, लेकिन अब पहली बार उस धरती पर जाने का सौभाग्य मिल रहा है। 


क्या है श्री रामलला दर्शन योजना

         मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरुप छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई श्री रामलला दर्शन योजना एक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अयोध्या में राम मंदिर के निःशुल्क दर्शन का अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत, यात्रा, भोजन, आवास, और स्थानीय परिवहन सहित सभी खर्च छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वहन किए जाते हैं। लाभार्थियों का चयन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित जिले के तहसील या उप-तहसील कार्यालयों में उपलब्ध होते हैं। इस यात्रा पैकेज में वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के दर्शन और गंगा आरती भी शामिल होती है। यह योजना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में हुए शामिल

 


सामुदायिक भवन में 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्रथम तल का किया लोकार्पण



रायगढ़मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मंगलवार को रायगढ़ के बोईरदादर स्थित गोवर्धनपुर रोड शालिनी स्कूल के पास स्थित कंवर सामाजिक भवन में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने समाज प्रमुखों की मांग पर सामुदायिक भवन में 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्रथम तल का लोकार्पण किया।

           इस अवसर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.नंदकुमार साय, विशिष्ट अतिथि के रुप में श्रीमती कौशल्या साय, श्रीमती स्वधा सायसहित कंवर समाज के राष्ट्रीय एवं राज्य और जिला स्तरीय पदाधिकारीगण, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में कंवर समाज के लोग मौजूद रहे।



सरस्वती शिशु मंदिर पत्थलगांव की स्कूल बस मुड़ागाँव के पास अनियंत्रित होकर सड़क से उतरी नीचे, कई बच्चों को आई चोटें, परिजनों में नाराजगी

 


पत्थलगांव/मुड़ागाँवमंगलवार की सुबह सरस्वती शिशु मंदिर पथलगांव की स्कूल बस बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी, तभी मुड़ागाँव के पास अचानक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे झाड़ियों में जा घुसी। बस में उस समय 12 से 15 बच्चे सवार थे। हादसा इतना तेज था कि बस के पिछले हिस्से में बैठे कई बच्चों को चोटें आई है। स्थानीय लोगों ने तुरंत बस के दरवाज़े तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा।


घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन बड़ी संख्या में पहुँच गए और स्कूल प्रबंधन तथा बस चालक पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि बस की हालत पहले से ही खराब थी, फिर भी उसे रोज़ चलाया जा रहा था। हादसे की खबर फैलते ही गाँव में आक्रोश फैल गया और लोग स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अचानक डगमगाई और चालक उसे संभाल नहीं पाया, जिसके बाद बस अनियंत्रित हो कर सड़क से नीचे झाड़ियों में जा घुसी। बच्चे जोर–जोर से चिल्लाने लगे, और ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया। कई बच्चों के हाथ–पैर और सिर में चोटें आई हैं, जिनका इलाज के लिए उपस्वास्थ्य भेजा गया है । इस घटना को लेकर परिजनों ने भारी नाराजगी जताई है।

लैलूंगा क्षेत्र में पुलिस जन चौपाल के जरिए साइबर जागरूकता और शराब बंदी का अभियान तेज



● ग्राम केराबहार और मोहनपुर में ग्रामीणों ने लिया सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संकल्प


      रायगढ़ || पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री आकाश मरकाम, एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत गांव-गांव जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है। अपराधों की रोकथाम, सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन और ग्रामीणों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से गांवों में पुलिस जन चौपाल एवं चलित थाना लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

 


       इसी क्रम में कल 30 नवंबर को ग्राम केराबहार और मोहनपुर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां थाना प्रभारी गिरधारी साव ने साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क दुर्घटना नियंत्रण तथा अवैध शराब और जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने संबंधी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए जागरूकता और सावधानी ही सुरक्षा का एकमात्र उपाय है। साथ ही अवैध शराब के दुष्परिणामों और घरेलू हिंसा, अपराध तथा सामाजिक विघटन पर पड़ने वाले प्रभावों को गंभीरता से समझाते हुए शराबबंदी की दिशा में सामूहिक प्रयासों की अपील की।

      विदित हो कि लैलूंगा क्षेत्र में ग्राम बनेकेला के बाद अब ग्राम केराबहार ने भी महिला समिति के नेतृत्व में गांव में पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लिया है। कार्यक्रम में केराबहार और आसपास के गांवों से लगभग 700 महिलाएं एवं पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, वहीं ग्राम मोहनपुर के कार्यक्रम में 110 ग्रामीणों ने भाग लेकर पुलिस की इस पहल को समर्थन दिया।

      सामुदायिक जागरूकता के इन कार्यक्रमों ने ग्रामीणों में सकारात्मक संदेश दिया है और पुलिस-जन सहयोग से सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया गया है।

जनदर्शनः कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश



रायगढ़||  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रत्येक सोमवार को जिला कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित होने वाले जनदर्शन में आज बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के समक्ष प्रस्तुत कीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार, पारदर्शी और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

               

             जनदर्शन में ग्राम रेगड़ा के लक्ष्मी प्रसाद यादव ने निराश्रित पेंशन बंद होने की समस्या रखते हुए बताया कि उन्हें पिछले दो-तीन वर्षों से नियमित रूप से पेंशन मिल रही थी, लेकिन हाल ही में राशि आना बंद हो गई है, जिससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह ग्राम धनागर के मदन पटेल ने क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने की मांग की। वहीं रायगढ़ जूटमिल निवासी दादुलाल यादव ने भूमि पट्टा बनवाने में आ रही समस्या से अवगत कराते हुए शीघ्र समाधान का आग्रह किया। तहसील खरसिया के ग्राम बिंजकोट निवासी बुद्धेश्वर प्रसाद राठिया ने रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि एसकेएस कंपनी द्वारा भू-अर्जन के दौरान उनकी भूमि अधिग्रहित कर ली गई थी, जिसके चलते रोजगार के अभाव में परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

इसी तरह ग्राम बिंजकोट के अन्य ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क की समस्या लेकर जनदर्शन पहुंचे। जनपद पंचायत खरसिया अंतर्गत ग्राम पंचायत भूपदेवपुर के ग्रामीणों ने पंचायतों में विकास कार्यों हेतु 15वें वित्त की राशि जारी किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि राशि उपलब्ध न होने के कारण भूमि समतलीकरण, बाड़ी विकास सहित अन्य कार्य रुके पड़े हैं। रायगढ़ के महेश राम चौहान ने अपने घर में शौचालय निर्माण की मांग रखी। इसके अलावा जनदर्शन में आए अन्य नागरिकों ने राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए आमजन को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।